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बरोरेसेप्टर और कीमो रिसेप्टर



बरोरेसेप्टर और कीमो रिसेप्टर:  

यहाँ  इस टॉपिक पर यह उत्तर प्राप्त होँगे  :


 what are baroreceptors - physiology in hindi.

बरोरेसेप्टर क्या है, बरोरेसेप्टर की लोकेशन , बरोरेसेप्टर फैसिओलोगिकल फंक्शन्स


बरोरेसेप्टर फिजियोलॉजी का एक इम्पोर्टेन्ट प्रशन  है।  यह एक सेंसर है अगर आप ध्यान से देखें बरो का मतलब है प्रेशर और रिसेप्टर का मतलब है एक ऐसा एन्ड जो इनफार्मेशन को प्राप्त करके उसे सिग्नल बनदेतक है जिसे शरीर को समाज आता है की क्या हो रहा है।  

तो बरोरेसेप्टर एक सेंसर है , यह ब्लड आर्टरीज़ मैं पाया जाता है , यह एक प्रकार के मेकेनो रिसेप्टर्स है,
यहाँ जॉब रक्त का बहाव आता है तब बरोरेसप्टर्स रक्त का प्रेशर समझते हैं जिसके वजह से ब्लड प्रेशर को काम या ज़्यादा कर सकते हैं।

बरोरेसप्टर्स तब काम करते हैं जॉब मीन आर्टेरिअल प्रेशर = 90 - 110 mmHg के बीच में होता है।
जब भी ब्लड प्रेशर अचानक बदलेगा चाहे वह काम या ज़्यादा हो बरोरेसप्टर्स एक्टिवटे होक ब्लड प्रेशर को सामान्य स्तर पर लादेंगे। इसलिए इनके काम करने की क्षमता काम होती है या यह कुछ मिनट या घंटों तक ही काम कर पते हैं।

स्थान :

बरोरेसप्टर्स बड़ी रक्त आर्टरीज में पायी जाती है जो गर्दन और छाती की हैं। लेकिन एग्जाम के लिए ध्यान रखें
यह सबसे ज़्यादा कैरोटिड आर्टरी और एओर्टिक आर्च ( एओर्टा मेहराब बनताहै जिसे एओर्टिक आर्च कहा जाता है) . कैरोटिड आर्टरी में पते जाने वाले बरोरिसेप्टर को कैरोटिड साइनस कहते हैं, और एओर्टा में पायेजाने वाले को एओर्टिक साइनस कहा जाता है।

एओर्टिक साइनस को वेगस जो 10 क्रेनियल नर्व है और कैरोटिड को 9 क्रेनियल नर्व जिसे ग्लोसोफैरिंजल नर्व जिसका भाग कैरोटिड साइनस नर्व आपूर्ति करता है या सप्लाई करता है।

कार्य :
जब प्रेशर के बदलाव को  बरोरेसप्टर्स समझते हैं, फिर वोहो नुक्लेउस ऑफ़ ट्रैक्टस सोलिटरियस  को देते हैं जो  मेडुला ( ब्रेन स्टेम का हिंसा ) में पाया जाता है।  नुक्लेउस ऑफ़ ट्रैक्टस सोलिटरियस से आगे जानकारी वासो मोटर सेण्टर में जाती है और नुक्लेउस अम्बिगुएस।  

तो अगर  ब्लड प्रेशर बढ़  रहा है --> बरोरेसेप्टर स्टिमुलते होंगे --> जानकारी अब नुक्लेउस ऑफ़ ट्रैक्टस सोलिटरियस जाएगी --> फिर  वासो मोटर सेण्टर  सेण्टर जो सीपठेतिक टोन को काम करके आर्टरीज को चौड़ा करती है जिसे ब्लड प्रेशर आर्टरीज में काम हो जाता है।  ब्लड प्रेशर काम करेने में बस उल्टा इफ़ेक्ट मिलता है।  


कीमो रिसेप्टर:


यहाँ  इस टॉपिक पर यह उत्तर प्राप्त होँगे  : what are chemoreceptors - physiology in hindi.
कीमो रिसेप्टर क्या हैकीमो रिसेप्टर की लोकेशन , कीमो रिसेप्टर फैसिओलोगिकल फंक्शन्स



कीमो रिसेप्टर यह केमिकल मात्रा को समझते हैं अगर कोई भी केमिकल मात्रा में बढ़वात या कमी होगी तो उसके हिसाब से ब्लड प्रेस्सुर को बदल सकते हैं।  यह कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा को बनाए रखते हैं।  जो 40 mmHg होना चाहिए और ऑक्सीजन की मात्रा  को भी।  
इसके सेंसर दो प्रकार के होते हैं कैरोटिड बॉडी और एओर्टिक बॉडी।  
स्थान :
कैरोटिड बॉडी:
कैरोटिड बॉडी कॉमन कैरोटिड आर्टरी जब दो शाखाओं में बट जाती है वहां पायी जाती है।  इसे भी कैरोटिड साइनस नर्व जो 9 क्रेनियल नर्व का हिस्सा है सप्लाई करती है।  
एओर्टिक बॉडीज:
एओर्टिक बॉडीज एओर्टिक आर्च में पायी जाती है , इसे वेगस जो 10 क्रेनियल नर्व है सप्लाई करती है।  
कार्य : 
दोनों कीमो रिसेप्टर्स गैस की मात्रा को समझते हैं 
ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड, हाइड्रोजन( पच)---> 
फिर इनफार्मेशन नुक्लेउस ऑफ़ ट्रैक्टस सोलिटरियस(मेडुला) तो देते हैं --->  फिर इनफार्मेशन वासो मोटर सेण्टर जाती है --> जिसके वजह से ब्लड प्रेशर बदल जाता है।  
यह कीमो रिसेप्टर 45 - 100 mmHg के बीच में ब्लड प्रेशर को सँभालते हैं।  
याद रहे की बरोरेसेप्टर और कीमो रिसेप्टर अचानक ब्लड प्रेशर के बदलाव में काम एते हैं और लम्बे समय तक काम नहीं कर पते।  
            


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